हरियाणा सृजन उत्सव में 24 फरवरी 2018 को ‘दलित जब लिखता है’ विषय पर परिचर्चा हुई जिसमें प्रख्यात दलित कवि मलखान सिंह तथा कहानीकार रत्न कुमार सांभरिया ने परिचर्चा में शिरकत की। अपने अनुभवों के माध्यम से भारतीय समाज व दलित साहित्य से जुड़े ज्वलंत और विवादस्पद सवालों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। मलखान सिंह ने इस अवसर पर अपनी दो कविताएं सुनाई। इस परिचर्चा का संयोजन अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्वविद्यालय, हैदराबाद के अंग्रेजी विभाग में एसिस्टेंट प्रोफेसर पद पर कार्यरत सामाजिक-साहित्यिक चिंतक जय सिंह ने किया। प्रस्तुत हैं परिचर्चा के मुख्य अंश - सं.





