लघुकथाएँ – हरभगवान चावला

हरभगवान चावला की कहानियां रोजमर्रा के जीवन से अपना कथ्य लेती हैं। मामूली लगने वाली घटनाएं कैसे जीवन को प्रभावित करती हैं, यह हरभगवान चावला की लघुकथाएँ पढ़कर समझा जा

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‘मृत्यु’ शृंखला की चौंतीस कविताएँ – अमित मनोज

अपना लिखा भेजने में अमित मनोज के भीतर गहरा संकोच है। देस हरियाणा अमित मनोज से उनकी ये अप्रकाशित कविताएँ प्राप्त कर सका, इसके लिए हम अच्छा महसूस कर रहे

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धर्म के बारे में – अरविन्द गौतम

धर्म वर्तमान का वो विषय है जिस पर सारे देश की नजरें बनी रहती है, चाहे हिंदू हो या मुस्लिम , सिख हो या ईसाई , जैन हो या बौद्ध,

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शिवमूर्ति – प्रतापनारायण मिश्र

हमारे ग्राम-देव भगवान् भूतनाथ से अकथ्य अप्रतर्क्स एवं अचिंत्य हैं। तो भी उनके भक्तजन अपनी रुचि के अनुसार उनका रूप, गुण, स्वभाव कल्पित कर लेते हैं। उनकी सभी बातें सत्य

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साबिर की कविताओं में बुल्लेशाह-फरीद की गूंज सुनाई देती है-अरुण कुमार कैहरबा

पश्चिमी पंजाब के प्रसिद्ध शायर व कवि साबिर अली साबिर भारत और पाकिस्तान के दोनों पंजाब में समान रूप से जाना-माना नाम है। उनकी रचनाएं बहुत ही सीधे-सादे शब्दों में

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लोकनायक बिरसा मुंडा जी को उनके परिनिर्वाण पर सत्–सत् नमन – कुलभूषण पतरेहड़ी

अबुआ: दिशोमा रे अबुआ: राज (हमारे देश मे हमारा शासन) यह नारा भारत के एक महान क्रांतिकारी नायक बिरसा मुंडा द्वारा दिया गया था। जिन्होंने अंग्रेजों तथा जमींदारों और जागीरदारों

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साबिर अली साबिर की कविताएँ, अनुवाद – सुरेन्द्र पाल सिंह

हालाँकि साबिर अली साबिर पकिस्तान के रहने वाले हैं, लेकिन साबिर की लोकप्रियता अब किसी देश की काल्पनिक सीमाओं की मोहताज नहीं रही। व्यापक मानवीय सरोकारों के चलते उनकी कविताएँ

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हरयाणवी गज़लें – मंगत राम शास्त्री

लम्बे अरसे से मंगत राम शास्त्री हरियाणवी ग़ज़ल लिख रहे हैं। इनकी रचनाओं में पोलिटिकल फंडामेंटलिज्म के प्रति सचेत विरोध है। इसके अलावा शास्त्री की गज़लें अपने वर्तमान से संवाद

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सामाजिक व राजनीतिक समानता के लिए आरक्षण जरूरी – प्रियंका भारती

शिक्षा, रोजगार में आर्थिक सहायता सामाजिक व राजनीतिक समानता का पहला चरण – आरक्षण भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त एक सामाजिक व्यवस्था है। जिसका उद्देश्य देश को एकता व अखण्डता के

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हे कविता के तीर्थ – सुरजीत पातर

अभी 12 मार्च को जब संजीव जी को साहित्य अकादमी दिया गया तो उस सभागार में पातर जी बहुत बातें की थी, कविताएँ भी सुनीं और खुशकिस्मती से उसकी वीड़ियो

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