

मनजीत भोला
फ़ेसबुक पै फ्रेंड पांच सौ पड़ोसी तै मुलाकात नहीं
तकनीक नई यो नया जमाना रही पहलड़ी बात नहीं
व्ट्स एप पै ग्रुप बणा लिए ना दीखै टोळी यारां की
दूर- दूर तक चलती चैटिंग खबर ना रिश्तेदारां की
पतळी हालत होरी सोशल मिडिया के मारयां की
लाइक ना मिलै तै माँ सी मरज्या सै बिचारयां की
बिना काम की टैंशन ले रहे कटै चैन तै रात नहीं
तकनीक नई यो नया जमाना रही पहलड़ी बात नहीं
पड़े खाट में फ़िक़्र करैं सैं शहीदां के सम्मान की
कॉपी करकै पेस्ट करो इब नहीं ज़रूरत ज्ञान की
इस तै बड्डी बात और के होगी रै न्यूक्सान की
अनपढ़ माणस करैं समीक्षा भारत के संविधान की
बणे फिरैं पंचाती घर में बोलण की औकात नहीं
तकनीक नई यो नया जमाना रही पहलड़ी बात नहीं
फेक आई डी पिछाण होवै ना जनाना के मर्दाना के
एंजल प्रिय बनके रामफळ स्वाद ले मिस तान्या के
कोए कहवै सै लेल्यो जीसे इसमें सै हरजाना के
गामां में भी इसे बाळक रै देखे मनै किसानां के
जिम जॉइन कर रे सैं वैं खेतां में करैं खुभात नहीं
तकनीक नई यो नया जमाना रही पहलड़ी बात नहीं
अपणा आपा बड़े जतन तै आपै खुद ल्हकोरे सैं
नकली माणस नकलिपण में राजी हो कै खोरे सैं
घर में मूसे कुला करैं पर इनके अलग डिठोरे सैं
ॐ भी सुर में बोल ना सकते वैं भी सिंगर होरे सैं
मनजीत भोळा गीत किसा वो जिसमें हों जज्बात नहीं
तकनीक नई यो नया जमाना रही पहलड़ी बात नहीं
मंदिर मस्ज़िद ना लड़ते थारा आपस में क्यूँ पंगा रै
शर्मसार मत करो मनै न्यू कहरया सै तिरंगा रै
कोए भगमा को लीला लेरया हरा किसेके हाथ में
न्यारे न्यारे ठा लीए झंडे आकै नै जजबात में
प्यार की ठंडक चाहिए सै इस गरमी के हालात में
बाशिंदे सब सो भारत के बंटो ना मजहब जात में
चाल सियासत की समझो तै किते होवै ना दंगा रै
शर्मसार मत करो मनै न्यू कहरया सै तिरंगा रै
ठेके पै जाकै कुणसे धर्म की लिया करो शराब कहो
जरूत खून की पड़ै तै कुणसा अच्छा अर खराब कहो
सबनै दे परकास एकसा किसका सै आफ़ताब कहो
देवै चाँदणी बराबर सबनै किसका सै माहताब कहो
किसतै नफरत करती देखी बताओ जमना गंगा रै
शर्मसार मत करो मनै न्यू कहरया सै तिरंगा रै
सींग उलझते कदे ना देखे गीता और कुरान के
श्री कृष्ण पै पढ़े सवैये मनै लिखे हुए रसखान के
असल बातपै बंदक्यूं होज्यां ताले थारी जबान के
मुद्दे ठाणे सैं तै ठाओ मजदूर और किसान के
लाणा सै तै विकास पै लाओ जीतणा सै यो हँगा रै
शर्मसार मत करो मनै न्यू कहरया सै तिरंगा रै
जो भड़कावै उसतै उसके परिवार की बात करो
माणस जै हो सरकारी तै सरकार की बात करो
संविधान नै जो दिया उस अधिकार की बात करो
नई उम्र तै नम्र निवेदन रोज़गार की बात करो
मनजीत भोळा जोश में भरकै ना काम करो बेढंगा रै
शर्मसार मत करो मनै न्यू कहरया सै तिरंगा रै
संपर्क- 9034080315
स्रोत- देस हरियाणा, अंक-17, पेज नं. 63
Guru Chopra
सर कति चाळा पाड़ दिया
Anonymous
शुक्रिया चोपड़ा साहब