सांस्कृतिक हलचल ‘आबिद आलमी’ (‘आबिद’ यानी तपस्वी, और ‘आलमी’ यानी इस दुनिया का), अपना यह तख़ल्लुस यानी कवि-नाम रखा था अपने वक़्त के जाने-माने शिक्षक और हरियाणा में शिक्षक-आंदोलनों के
सांस्कृतिक हलचल ‘आबिद आलमी’ (‘आबिद’ यानी तपस्वी, और ‘आलमी’ यानी इस दुनिया का), अपना यह तख़ल्लुस यानी कवि-नाम रखा था अपने वक़्त के जाने-माने शिक्षक और हरियाणा में शिक्षक-आंदोलनों के
आलेख ज्ञान प्रकाश विवेक देश का विभाजन एक न भूलने वाली घटना थी। यह एक ऐसी त्रासदी थी, जिसने भूगोल ही नहीं, अवाम को भी तकसीम करके रख दिया। जो
ओम प्रकाश ग्रेवाल व दिनेश दधीचि आबिद आलमी के ग़ज़ल-संग्रह ‘नये ज़ाविए’ का मुख्य स्वर सीधी टकराहट का, जोखिम उठाने का है। आबिद आलमी के लिए सृजनात्मकता की यह एक