सुरेश बरनवाल – कीमत

लघुकथा       रमलू किसान ने इस बार उगी धान की फसल मंडी में 12 रूपये किलो बेची थी। पैसे की तुरन्त जरूरत के कारण उसने अपनी जरूरत को घटाते हुए कम से कम धान अपने घर में बचाकर रखा और बाकी बेच दिया था। परिवार बड़ा था इसलिए तमाम कोशिशों के बावजूद पूरे […]

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