लघु कथा

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आशा मन ही मन उस ईश्वर का धन्यवाद कर रही थी कि उसे एक खुद्दार पति मिला है। वह अपनी खुशी को भुलाकर रजत के साथ मां के कंगन और झुमके देने चल पड़ी।

मछली लघु कथा                 एक सुबह आम दिनों की तरह बाजार के लिए निकला। मोड़ पार करते ही मूंगफली पटरी पर फैलाए दो लोग बैठे दिखे। मैंने ध्यान नहीं दिया।

लघु-कथा धर्म-धंधा             मोहल्ले का मंदिर एक अर्से से अर्द्धनिर्माण पड़ा हुआ था। दीवारें बन चुकी थीं, छत की दरकार थी। मूर्तियां प्राण-प्रतिष्ठित थीं, अतः श्रद्धालुओं की आवाजाही अनवरत जारी

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