महिला जब हम छोटे थे तो हमारी दादी-मांओं, चाची-ताइयों से सुना करते थे कि जब आजादी का आंदोलन जारी था तो वो ये गीत बड़े ही चाव से गाया करती
महिला जब हम छोटे थे तो हमारी दादी-मांओं, चाची-ताइयों से सुना करते थे कि जब आजादी का आंदोलन जारी था तो वो ये गीत बड़े ही चाव से गाया करती
सांस्कृतिक हलचल 24 अप्रैल 2016 को रोहतक के डेंटल कॉलेज ऑडिटोरियम में अहमदाबाद की संस्था ‘लोकनाद’ से चारुल और विनय की गायक जोड़ी ने ‘सप्तरंग’ द्वारा आयोजित प्रोग्राम में