कहानी कहने को दिल्ली, पर दिल्ली-हरियाणा बार्डर से सटा गांव। बोली, बाना, रिवाज और लोग सब हरियाणवी। हल्की गर्मियों की सांझ चार बजे का समय है। मोहल्ले में सब अपने
कहानी कहने को दिल्ली, पर दिल्ली-हरियाणा बार्डर से सटा गांव। बोली, बाना, रिवाज और लोग सब हरियाणवी। हल्की गर्मियों की सांझ चार बजे का समय है। मोहल्ले में सब अपने