आलेख ब्राह्मणवाद की विचारधारा ने श्रम-जन्य कर्मों का तिरस्कार करते हुए वर्णधर्मी व्यवस्था के अंतर्गत उत्पादनशील श्रेणियों का शोषण बनाए रखा है। कबीर की वाणियों में इस ब्राह्मणिक विचारधारा का
आलेख ब्राह्मणवाद की विचारधारा ने श्रम-जन्य कर्मों का तिरस्कार करते हुए वर्णधर्मी व्यवस्था के अंतर्गत उत्पादनशील श्रेणियों का शोषण बनाए रखा है। कबीर की वाणियों में इस ब्राह्मणिक विचारधारा का