पंछी भर इक नई परवाज़ भर इक नई परवाज़ पंछी! भर इक नई परवाज़ जितने छोटे पंख हैं तेरे उतने लम्बे राह हैं तेरे तेरी राहों में आखेटक ने किया
पंछी भर इक नई परवाज़ भर इक नई परवाज़ पंछी! भर इक नई परवाज़ जितने छोटे पंख हैं तेरे उतने लम्बे राह हैं तेरे तेरी राहों में आखेटक ने किया