पारिस्थितिक संकट और समाजवाद का भविष्य – डा. कृष्ण कुमार

पठनीय पुस्तक ‘यह पृथ्वी मेरी और सब की है और यह हमारे अस्तित्व की पहली शर्त है। इस पृथ्वी को मोल तोल की एक वस्तु के रूप में तबदील करना स्वयं को मोलतोल की वस्तु में तबदील करने की ओर आखिरी कदम है।- एंगेल्स आज विश्व के सामने पारिस्थितिक संकट एक गंभीर चुनौती है। अंतर्राष्ट्रीय […]