लोक कथा बाम्हण अर बाणिया एक बणिया घणा ऐ मूंजी था वा रोज गुवांडा मैं जाकै रोटी खाये करै था अर उसकै घरां किसी बात की कमी नी थी। सारे
लोक कथा बाम्हण अर बाणिया एक बणिया घणा ऐ मूंजी था वा रोज गुवांडा मैं जाकै रोटी खाये करै था अर उसकै घरां किसी बात की कमी नी थी। सारे