इतिहास के पन्नों से भारतीय स्वतंत्रता-संग्राम में 1857 व गदर-लहर दो महत्त्वपूर्ण सशस्त्र विद्रोह रहे हैं। दिलचस्प बात ये है कि दोंनों में हरियाणा क्षेत्र की उल्लेखनीय भूमिका रही है।
इतिहास के पन्नों से भारतीय स्वतंत्रता-संग्राम में 1857 व गदर-लहर दो महत्त्वपूर्ण सशस्त्र विद्रोह रहे हैं। दिलचस्प बात ये है कि दोंनों में हरियाणा क्षेत्र की उल्लेखनीय भूमिका रही है।
रागनी भारत तै चल लंदन पोहंच्या, दिल भर रया इंतकाम का दुनिया के म्हं रुक्का पाट्या, ऊधम सिंह तेरे नाम का जलियांवाळे बाग की घटना, पूरी दिल पै ला ली
रागनी मेरी भोळी सूरत कांब गई, मैं छोड़ रै आपणी धीर गया जलियांवाळे बाग का मंजर, मेरा काळजा चीर गया दन-दनादन गोळी चाली, दुश्मन के औजारां तै नर अर नारी
रागनी ऊधम सिंह नै सोच समझ कै करी लन्दन की जाने की तैयारी।। राम मुहम्मद नाम धरया और पास पोर्ट लिया सरकारी।। किस तरियां जालिम डायर थ्यावै चिन्ता थी दिन
बागी लड़कियां मैं जानती हूं बहुत सारी बागी लड़कियों की पहचान यहां तक कि उनके नाम व पते भी परन्तु आपको नहीं बताउंगी, वरना हो सकता है आप उन्हें ढूंढ निकाले अपने घर के उस अन्दर वाले कमरे में जिसकी कोई खिड़की बाहर नहीं खुलती।