हरभगवान चावला की कविताएं

ये किया हमने
हमने स्त्रियों की पूजा की 
और लहूलुहान कर दिया
हमने नदियों की पूजा की 
और ज़हर घोल दिया 
हमने गायों की पूजा की 
और पेट में कचरा उड़ेल दिया
हमने ईश्वर की पूजा की 
उसके क़त्ल के लिए हमने 
नायाब तरीका चुना
हमने एक ईश्वर के 
कई ईश्वर बनाए 
और सब को आपस में लड़ा दिया ।

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