एक उर्दू शायर ने बड़े दर्द के साथ लिखा है- तुम्हें ले दे के, सारी दास्तां में, याद है इतना; कि आलमगीर हिन्दुकुश था, ज़ालिम था, सितमगर था!
एक उर्दू शायर ने बड़े दर्द के साथ लिखा है- तुम्हें ले दे के, सारी दास्तां में, याद है इतना; कि आलमगीर हिन्दुकुश था, ज़ालिम था, सितमगर था!