प्राण प्रतिष्ठा – उदय कुमार

कहानी आज हरखू मिस्त्री सुबह-सवेरे चार बजे ही जाग नहा-धोकर, बेटे के ब्याह में समधियाने से भेंट में मिला सफेद ल_े का कुरता, पायजामा पहिन, सिर में ढेर सारा सरसों का तेल चुपड तथा हथेलियों पर बचा तेल हाथ-पांव पर मल तैयार बैठा था। उकडू बैठ छोटे से आईने में झांक कर कैंची से मूँछे […]

RETURNING FOR ANOTHER TRIP?