तरक्कीपसंद शायर आबिद आलमी की ग़ज़लगोई

आलेख ज्ञान प्रकाश विवेक देश का विभाजन एक न भूलने वाली घटना थी। यह एक ऐसी त्रासदी थी, जिसने भूगोल ही नहीं, अवाम को भी तकसीम करके रख दिया। जो उधर से लोग विस्थापित होकर इधर आए, उन्हें शरणार्थी कहा गया। जो यहां से पाकिस्तान जा बसे वो मोहाजि़रों की तरह जीवन जीने को अभिशप्त […]

बौद्धिक साहस और कल्पना की उदात्त तीव्रता का स्वर – आबिद आलमी

ओम प्रकाश ग्रेवाल व दिनेश दधीचि आबिद आलमी के ग़ज़ल-संग्रह ‘नये ज़ाविए’ का मुख्य स्वर सीधी टकराहट का, जोखिम उठाने का है। आबिद आलमी के लिए सृजनात्मकता की यह एक अनिवार्य शर्त है कि जाने-पहचाने तौर-तरीकों की हदों से बाहर निकला जाए- ‘नज़र से आगे नये फ़ासले तलाश करें। वो जो खयाल में हैं रास्ते […]

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