किरेळिया – अंटोन चेखव

विश्व प्रसिद्ध रुसी कहानीकार अंटोन चेखव ने अपनी प्रसिद्ध कहानी गिरगिट में शासन-प्रशासन  में फैला भ्रष्टाचार, जनता के प्रति बेरुखी और अफसरशाही की चापलूसी को उकेरा है। भारतीय संदर्भों में भी प्रासंगिक है। प्रस्तुत है इस कहानी का राजेंद्र सिंह द्वारा हरियाणवी अनुवाद। सं.
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बहनें

 दक्षिणी अफ्रीकी लेखिका पॉलिन स्मिथ (1882-1959) लघु कहानियों के लिए प्रसिद्ध है। प्रस्तुत कहानी में एक किसान अपनी जमीन बचाने के लिए अपनी बेटी को एक बूढ़े जमींदार के साथ ब्याह देने के लिये मजबूर है। औरत की दुविधा और व्यथा बड़ी गंभीरता से प्रस्तुत की है। भारतीय कृषि प्रधान समाज के सामंती भू-संबंधों में यह बेहद प्रासंगिक है। प्रस्तुत है काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी में अंग्रेजी विभाग में  एसिसटेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत डॉ. देवेन्द्र कुमार द्वारा  किया गया अनुवाद। सं.- … Continue readingबहनें

डा. पूरन सिंह – मातम

मातम डा. पूरन सिंह  तब लगभग सभी के घरों में कच्चे चमड़े का काम होता था। लोग कच्चे चमड़े के जूते बनाते थे। कुछ लोग मरे हुए जानवरों की खाल

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बुत गूंगे नहीं होते

  कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग के सभागार में देस हरियाणा की तरफ वरिष्ठ कवि ओम प्रकाश करुणेश के हाल ही में प्रकाशित हुए काव्य संग्रह ‘बुत गूंगे नहीं

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कल्पित तुझे सलाम -गुरबख्श मोंगा

कल्पित तुझे सलाम गुरबख्श  सिंह मोंगा अनुसूचित जाति के कल्पित वीरवाल द्वारा आई.आई.टी. की प्रवेश परीक्षा में सौ फीसदी अंक लाना बताता है कि प्रतिभा किसी जाति विशेष की जागीर

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आजादी के विचार पक्ष को जानना होगा – प्रो. जगमोहन

28 जुलाई 2016 को शहीद उधम सिंह राजकीय महाविद्यालय मटक माजरी में ‘स्वतंत्रता आंदोलन और उधम सिंह’ विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। यह सेमिनार ‘देस हरियाणा’ पत्रिका,

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शब्दों की चुप्पी

निंदर घुगियाणवी (निंदर घुगियाणवी पंजाबी के लेखक हैं। ‘जब मैं जज का अर्दली था’ घुगियाणवी का आत्मवृत साहित्य की दुनिया में खूब मकबूल हुआ। इसमें घुगियाणवी ने भारतीय न्याय-व्यवस्था के

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