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हरियाणवी लोक-विनोद

जीजा कई दिन हो लिए तां जांदा नी

एक बै रमलू बहु नै लेण चल्या गया। जब सासु अपणी छोरी ने घालण तै नाट ग्यी तो ओ पांच-सात दिन ओड़ै डटग्या सुसराड़...

तूं किमे न किमे जरूर बदलेगा

एक बै एक आदमी ने बस खरीद ली अर चलाण खात्तिर एक ड्राईवर राख लिया। ओ मालिक था घणाए बेईमान, सारी हाठा न्यूं सोचदा...

थाम भी के बस ल्योगे

संक्रात का दिन था। किसान नै सुण राख्या था अक् संक्रांत ने गरूड़ दीखज्या तो बड़ा आच्छा हो सै। उसने खेत मेें तै आंदे...

ऊकडूं बैठणा अर फूंक मारणा ए घरेलू सै

एक देहाती शहर के डाक्टर धोरै जाकै बोल्या-डाक्टर साब, मेरै खांसी जुकाम होर्या सै कोए देशी घरेलू सा नुक्सा बताओ नै। डाक्टर बोल्या-1 किलो...

लेके रहेंगे-लेके रहेगे

एक बै जागरूक माच्छरां नै मिलकै एक सभा बुलाई-उनका नेता बोल्या-भाईयो! 'हमारे साथ बड़ी बेइन्साफी हो रही है-जुल्म ढाए जा रहे हैं। देखो-साबुन के...

मेज तलै है जी

एक बै एक स्कूल में डी.ओ. चली गई। उस स्कूल को दसमी कलास में छोरे पढ़ाई में रद्दी थे अर उनके नाम थे-होशियार सिंह...

-‘वेरी गुड

  एक अणपढ़ माणस नै अंग्रेजी सीखण का शौंक होग्या। सिखाण आला मास्टर भी भागां करकै ए मिलग्या। एक हफ्ते में तीन शब्द सिखाए-'यश, नो,...

जुत्ती हाथां म्हें ठार्या सूं

  एक छिकमा एं कंजूस दुकानदार था। उसकी देखमदेख छोरा उसतै भी घणा मंजी होग्या। एक दिन दुकानदार सांझ नै आण की क्है कै शहर...

ना तो तिसाइये रह ज्यागी

लोकविनोद एक बै एक गादड़ अर एक गादड़ी रैहट पै पाणी पीण चले गए जब गादड़ी पाणी पीण लागदी तो रैहट की कटा-कट की आवाज...

तेरा बाब्बु भी आर्या सै

लोक-विनोद मां के मर्यां पाच्छै रमलू नै एक दिन पूच्छा करवाई तो उसनै न्यूं बता दिया अक् तेरी मां कुतिया की जोनी में गई है,...