Tel: +91 9416482156
Email: desharyana@gmail.com
Home हरियाणवी कहानी

हरियाणवी कहानी

माई दे मालोटा – कमलेश चौधरी

हरियाणवी कहानी हरियाणा के जिस स्थान पर मैं रहती हूं, वह कुछ सालों पहले तक ठेठ गांव  था। धीरे-धीरे वह विकसित होकर कस्बे का रूप...

मोलकी – टेकचन्द

कहानी कहने को दिल्ली, पर दिल्ली-हरियाणा बार्डर से सटा गांव। बोली, बाना, रिवाज और लोग सब हरियाणवी। हल्की गर्मियों की सांझ चार बजे का समय...

कसूरवार – अंतोन चेखव – अनु. राजेन्द्र सिंह

कहानी  अंतोन चेखव का जन्म 19 वीं शताब्दी के रूढि़वादी रूस में हुआ था। इनकी मां के पास कहानियों का भण्डार था जिनको वो नियमित...

किरेळिया

विश्व प्रसिद्ध रुसी कहानीकार अंटोन चेखव ने अपनी प्रसिद्ध कहानी गिरगिट में शासन-प्रशासन  में फैला भ्रष्टाचार, जनता के प्रति बेरुखी और अफसरशाही की चापलूसी को उकेरा है। भारतीय संदर्भों में भी प्रासंगिक है। प्रस्तुत है इस कहानी का हरियाणवी अनुवाद। सं. ... खांसदा-खांसदा हरायुकिन बोल्या - जनाब मैं तो चुपचाप अपणै राह जाण लागर्या था। मैं अर मित्रिच लाकड़ियाँ बारे म्हं बात करण लाग रे थे के जिबे इस मरियल से कतुरिए नै मेरी आंगळी पै बुड़का भर लिया... इब देखो जी, मैं ठहर्या काम-धंधे आळा माणस ... मेरा तो काम बी आंगळियां का है, बड़े ध्यान तै करणा पड़ै। मन्नै तो हर्जाना चाहिए, इब एक हफ्ता तो मैं कुछ नीं कर सकदा, अर हो सकै है