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शिक्षा/स्वास्थ्य/रोजगार

हिंदी साहित्य अध्ययन-अध्यापनः चुनौतियां और सरोकार

प्रोफेसर सुभाष चंद्र, हिंदी विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय,कुरुक्षेत्र  1922-25 के आस-पास बी.एच.यू. और इलाहाबाद में हिन्दी विभाग खुलने शुरू हुए थे। अभी  उच्च शिक्षा में एक...

नवमीत – पूंजीवाद और स्वास्थ्य सेवाओं की बीमारी

भारतीय संविधान के भाग 3, आर्टिकल 21 में एक मूलभूत अधिकार दिया गया है जिसको “जीवन की रक्षा का अधिकार” कहा जाता है, और...

डॉ नवमीत – डेंगू के बारे में

डेंगू के बारे में चंद बातें डॉ नवमीत आजकल देश में डेंगू फैला हुआ है और हजारों लोग इसकी चपेट में हैं। कई लोगों की मृत्यु...

नरेश कुमार – हरियाणा में स्कूली शिक्षा की बिगड़ती स्थिति

हरियाणा में स्कूली शिक्षा की तस्वीर आए दिन लगातार धुंधली होती जा रही है। हाल ही में राज्य सरकार ने प्रदेश में 25 हजार...

कमलानंद झा – परीक्षा से अधिक कठिन है मूल्यांकन

मेरे बिहार (वैसे लगभग पूरे देश में) में मूल्यांकन के संदर्भ में एक फिकरा अत्यंत प्रसि़द्ध है कि एक साल की पढा़ई तीन घंटे...

सुरेन्द्र ढिल्लों – बाजार के हवाले शिक्षा

शिक्षा हरियाणा प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र  में आए परिवर्तनों पर जैसे ही नजर जाती है, तो यह बात स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ती है...

उमंग स्कूल – जिसका तसव्वुर करने के लिए साहस चाहिए…. -विरेन्द्र सरोहा

शिक्षा प्रतियोगिता की दौड़ में जकड़े और अंक हासिल करने के बचपन विरोधी माहौल में एक ऐसा स्कूल जिसमें परीक्षाएं नहीं होंगी, खेल खेल के...

डा. रणबीर सिंह दहिया – स्वास्थ्य के क्षेत्र में हरियाणा के 50 साल

सेहत एक तरफ हरियाणा में धनाढ्य वर्ग है दूसरी तरफ बड़ा हरियाणा इस विकास की अन्धी दौड़ में गिरता पड़ता गुजर बसर कर रहा है।...

हरियाणा में स्कूली शिक्षा दशा और दिशा

अधिकतर निजी स्कूलों के पास ना तो खेल के मैदान हैं, ना ही बच्चों की संख्या के अनुकूल बड़ा प्रांगण। कमरों के आकार छोटे हैं। कइ अध्यापकों के पास बुनियादी प्रशिक्षण नहीं है। स्कूलों के मालिक और प्रबंधकों की मुनाफाखोरी अलग से आफत है। अधिकतर निजी स्कूलों में पढ़ा रहे प्रशिक्षित और गैर-प्रशिक्षित अध्यापकों का मानदेय इतना कम है कि वे मुश्किल से गुजारा कर पाते हैं। तमाम पहलुओं के बावजूद समय का यथार्थ यही है कि निजी शिक्षा संस्थान लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार द्वारा भी उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। जबकि सरकारी स्कूलों की उपेक्षा हो रही है।

रेनू यादव – भारत में उच्च शिक्षा और युवा वर्ग

शिक्षा आज भारत का उच्च शिक्षा का ढांचा पूरे विश्व में अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार उच्च...