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बात की बात

अविनाश सैनी  1. आधुनिकता की दौड़ में खुद को, आगे कहते आज पर पिछड़ेपन को ढ़ो रहा, अपना यह समाज अपना यह समाज, जात और गौत पे मरता इंसानी...

काव्य-गोष्ठी का आयोजन

अरुण कैहरबा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, इंद्री के प्रांगण में 28 अक्तूबर 2018 को सृजन मंच इन्द्री के तत्वावधान में देस हरियाणा काव्य-गोष्ठी का...

ओम सिंह अशफाक – बोल बम, बोल बम

1 जिनका आज राज है, उन्हीं का सुराज है। शिक्षा भी उनकी है, स्कूल भी उनका। शाखा भी उनकी है, फूल भी उनका। शास्तर भी उनका है, शस्तर...

दिनेश दधीचि – वेंडी बार्कर की At Last कविता का अनुवाद

वेंडी बार्कर अंततः एक-दूजे के जलाशय में रहे हम तैरते रात-भर धुलती रही घुलती रही चट्टान तट पर धार से . जल-धार से . खुरदरे सब स्थल हुए समतल, घुले पत्थर, बने...

दिनेश दधीचि – वेंडी बार्कर की Eve Remembers कविता का अनुवाद

Wendy Barker (b. 1942 ) Eve Remembers It was his bending to the path I noticed. A deliberate dip, a sweep of his long arm. Blind, we couldn’t...

वाल्ट व्हिट्मन (अनु. दिनेश दधिची) – मेरी ओर हुए आकर्षित, ऐसे नए व्यक्ति हो...

वाल्ट व्हिट्मन (1819-1892) मेरी ओर हुए आकर्षित, ऐसे नए व्यक्ति हो तुम?   मेरी ओर हुए आकर्षित, ऐसे नए व्यक्ति हो तुम? चेता दूँ शुरुआत में तुम्हें, जो...

ओमसिंह अशफाक – बन्दा रिक्शा खींच रहा है

1 नया-नया किसी गांव से आया लगता है झिझका शर्माया ना रहने का कोई ठौर ठिकाना यूं शहर लगे उसको बेगाना संदर—सुंंदर भवन बणे हैं ना रहते उनमें कई जणे...

अमृतलाल मदान – किसानी जीवन का ऋण

  कविता अधखुली नींद में अधखुली खिड़की से दिखने लगा था धीरे धीरे सरकता पूरा खिला चांद लुक्का-छिप्पी खेलता छोटी-छोटी बदलियों के संग आधी रात के आकाश में। सोचा, उठकर कोई प्रेम कविता लिखूं यादों की...

दिनेश दधीचि – विलियम काउपर की I Was a Stricken Deer का अनुवाद

दिनेश दधीचि – विलियम काउपर की I Was a Stricken Deer का अनुवादविलियम काउपर (1731-1800) घायल हिरण चोट खाया हिरण था मैं, अरसा पहले झुण्ड पुराना छूट...

दिनेश दधीचि – पाब्लो नेरुदा की If You Forget Me कविता का अनुवाद

पाब्लो नेरुदा (1904-1973) अनुवाद दिनेश दधीचि  अगर तुम मुझे भुला दोगी मैं चाहता हूँ कि एक बात तुम जान लो. होता दरअसल यूँ है कि अगर मैं अपनी खिड़की पर धीरे-धीरे...