Tag Archives: social justice

8 मार्च – अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास

– सोनी सिंह 8 मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस दुनिया भर में हर साल मनाया जाता है। यह महिलाओं की आर्थिक, राजनीतिक और सामजिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। यह कोई सामान्य दिवस नहीं है बल्कि इस के लिए सैकड़ों महिलाओं, मजदूरों ने अपनी जान कुर्बान की है और संघर्ष किया है। आज इसको केवल महिला

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भारत  विभाजन  के उत्तरदायी

असगर अली इंजीनियर – अनु. डा. सुभाष चंद्र  साम्प्रदायिक सवाल मुख्यत: सत्ता में हिस्सेदारी से जुड़ा था, चूंकि सत्ता में हिस्सेदारी के सवाल का आखिर तक कोई संतोषजनक हल नहीं निकला और अंतत: देश का विभाजन हो गया। यहां तक कि जिन्ना के चौदह सूत्री मांग पत्र, जो उन्होंने 1929 के प्रारंभ में ही (नेहरू रिपोर्ट विवाद के बाद) तैयार

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अंजू – कृषि और महिलाएं

आलेख हमारा प्रदेश कृषि प्रधान है। प्रदेश की जनसंख्या का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा कृषि के कार्य में संलग्न है। यहां के निवासियों की आजीविका का मुख्य साधन कृषि होने के कारण हमारी अर्थव्यवस्था में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। कृषि के कार्य में औरत और पुरुष की दोनोंं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।  कृषि के बारे में हम जब विस्तार

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प्रभुत्व बरकरार रखने के लिए जाट संघर्ष – सुरिन्द्र एस जोधका

आलेख हरियाणा सांप्रदायिक और जाति आधारित हिंसा के लिए जाना जाने वाला राज्य नहीं है पर बीती उन्नीस फरवरी से लेकर पांच दिनों तक यह राज्य अपने इतिहास के सबसे भयानक दंगों का गवाह बना, जिसमें तीस के करीब लोग मारे गए और करोड़ों की सम्पति फूंक दी गई, नष्ट कर दी गई। इसकी वजह जाट समुदाय के द्वारा अन्य

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पवित्र किताब की छाया में आकार लेता जनतंत्र – सुभाष गाताड़े

हलचल डा. ओमप्रकाश ग्रेवाल अध्ययन संस्थान, कुरुक्षेत्र द्वारा 26 जून 2016 को डा. ओमप्रकाश ग्रेवाल स्मृति व्याख्यान-7 का आयोजन किया। विषय था ‘भारतीय लोकतंत्र: दशा और दिशा’। इसकी अध्यक्षता प्रो. टी. आर. कुण्डू ने की। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के तौर पर प्रख्यात विचारक सुभाष गाताड़े ने जो वक्तव्य उसके अंश यहां प्रस्तुत हैं। सं. मुझे लगता है कि

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आमूल-चूल परिवर्तन की खातिर – नुसरत

सांस्कृतिक हलचल 29 मई को यमुनानगर जिले का गांव टोपरा कलां गांव क्रांतिकारी जय भीम के नारों से गूंज उठा। जिधर देखिये उधर से जय भीम के नीले झंडों के साथ जोशीले नौजवान,महिलाओं व बच्चों का हुजूम चला आ रहा था। टोपरा कलां में हुआ भीम गर्जना कार्यक्रम अांबेडकर युवा मंच(एवाईएम) की अगुवाई में जनवरी माह से शुरू हुए डा.भीमराव

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ब्राह्मणवाद के खिलाफ हुई भीम गर्जना – धर्मवीर

सांस्कृतिक हलचल 29 मई को यमुनानगर जिले का गांव टोपरा कलां गांव क्रांतिकारी जय भीम के नारों से गूंज उठा। जिधर देखिये उधर से जय भीम के नीले झंडों के साथ जोशीले नौजवान,महिलाओं व बच्चों का हुजूम चला आ रहा था। टोपरा कलां में हुआ भीम गर्जना कार्यक्रम अंाबेडकर युवा मंच(एवाईएम) की अगुवाई में जनवरी माह से शुरू हुए डा.भीमराव

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तीन मंत्र – भूप सिंह ‘भारती’

कविता एक रात सपने में मेरे, ‘बाबा साहेब’ आये। दासता से मुक्ति के, मंत्र तीन बताये। पहला मंत्र बड़ा सरल, शिक्षा की तुम करो पहल, शिक्षित बन हर बाधा को, आसानी से दोगे कुचल। अछूत नहीं, अभिषेक बनो, बुरे नहीं, तुम नेक बनो, बिखरा-2 है दलित वर्ग, दूजा मंत्र तुम एक बनो। अंतिम मंत्र रखना याद, संघर्ष करो छोड़ो फरियाद,

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