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वे पन्ने

Post Views: 366 राजेश कुमार  पूरन मुद्गल हिन्दी के पाठकों के लिए एक जाना-पहचाना नाम है।  ‘वे पन्ने’ इनकी नवीनतम पुस्तक है, जिसमें विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में छपे लेख संग्रहित हैं।…

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हरियाणा में पंजाबी भाषा -डा. हरविन्द्र सिंह

Post Views: 1,833 भाषा विमर्श ‘पंजाबी’ शब्द से तात्पर्य पंजाब का निवासी होने से भी है और यह पंजाब-वासियों की भाषा भी है। पंजाब की यह उत्तम भाषा ‘गुरमुखी’ लिपि…

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प्रतिकर्म -हरभजन सिंंह रेणु

Post Views: 486 कविता मुझे मत कहना गर मैं कविता करते-करते शब्दों की जुगाली करने लगूं और सभ्य भाषा बोलते-बोलते बौराये शराबी की तरह चिल्लाने लगूं बेइखलाकी पर उतर जाऊं…

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वैश्वीकरण -हरभजन सिंंह रेणु

Post Views: 543 कविता मैं खौफनाक चाबुकधारी नहीं कांप जाओगे जिससे। मैं पुष्प अणु हूं तुम्हारी सांसों तुम्हारे लहु में समा जाऊंगा मस्तिष्क पर बैठ करके सम्मोहित कर दूंगा मदहोश।…

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सीढ़ी -हरभजन सिंंह रेणु

Post Views: 525 कविता मनुष्य जीवनभर तलाशता है सीढ़ी ताकि छू सके कोई ऊंची चोटी एक ऊंचाई के बाद तलाशता है दूसरी सीढ़ी औ’ हर ऊंचाई के बाद नकारता है…

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बनवास -हरभजन सिंंह रेणु

Post Views: 513 कविता वनों की ओर जाना ही नहीं होता बनवास जब भी अकेलापन करता है उदास ख्यालों के कुरंग नाचते हैं चुप्पी देती है ताल उल्लू चीखते हैं…