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जीवन में साहित्य का स्थान -प्रेमचंद

Post Views: 2,771 साहित्य-चिंतन        साहित्य का आधार जीवन है। इसी नींव पर साहित्य की दीवार खड़ी होती है। उसकी अटरियाँ, मीनार और गुम्बद बनते हैं लेकिन बुनियाद…

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मेरी पहली रचना -प्रेमचंद

Post Views: 288 उस वक्त मेरी उम्र कोई 13 साल की रही होगी। हिन्दी बिल्कुल न जानता था। उर्दू के उपन्यास पढऩे-लिखने का उन्माद था। मौलाना शहर, पं. रतननाथ सरशार,…

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इंद्रनाथ मदान को पत्र -प्रेमचंद

Post Views: 1,109 प्रेमचंद अपनी नज़र मेेंं (कोई रचनाकार-कलाकार स्वयं को कैसे देखता है। यह जानना कम दिलचस्प नहीं होता। यह भी सही है कि किसी लेखक को सिर्फ उसके…