Tag Archives: kurukshetra university

सावित्रीबाई फुले : जीवन जिस पर अमल किया जाना चाहिए

7 जनवरी को दलित शोषण मुक्ति मंच (DSMM), दिल्ली ने भारत की पहली महिला शिक्षक सावित्रीबाई फुले की 187वें जन्मदिवस पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन 09 Jan 2018 7 जनवरी को दलित शोषण मुक्ति मंच (DSMM), दिल्ली ने भारत की पहली महिला शिक्षक सावित्रीबाई फुले की 187वें जन्मदिवस पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया I इस कार्यक्रम

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हरियाणा के पचास साल:भविष्य के सवाल

डा. विजय विद्यार्थी एक नवम्बर 2016 को हरियाणा ने 50 साल का सफर पूरा किया। इस अवसर को सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं ने पूरे प्रदेश में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया प्रदेश की साहित्यिक-सांस्कृतिक अभिव्यक्ति की प्रत्रिका ‘देस हरियाणा’ का 8वां-9वां संयुक्तांक ‘हरियाणा के 50 साल क्या खोया क्या पाया’ विशेषांक के तौर पर हरियाणा को समर्पित रहा। जिसके

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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन

डा. हरदीप राय शर्मा (जीवन जीने के क्रम में मनुष्य कूड़ा कचरा उत्पन्न करता है, लेकिन अब कूड़े-कचरे को ठिकाने लगाने की समस्या एक विकराल रूप धारण कर चुकी है। पर्यावरण के लिए यह संकट पैदा कर रही हैं। इसके प्रति कुछ व्यावहारिक सुझाव देता हरदीप राय शर्मा का आलेख प्रस्तुत कर रहे हैं। डा. हरदीप राय शर्मा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय

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विश्व की समस्त भाषाओं के बारे में सार्वभौमिक सत्य

प्रोफेसर सुभाष चंद्र, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र जब लोग इकट्ठे होते हैं तो बात ही करते हैं। जब वे खेलते हैं, प्यार करते हैं। हम भाषा की दुनिया में रहते हैं। हम अपने दोस्तों से, अपने सहयोगियों से, अपनी पत्नियों से, पतियों से, प्रेमियों से, शिक्षकों से, मां-बाप से, अपने प्रतिद्वंद्वियों से यहां तक कि अपने दुश्मनों से भी बात करते

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रात भर लोग अंधेरे की बलि चढ़ते हैं

ओमसिंह अशफाक  आबिद आलमी (4-6-1933—9-2-1994) पिछले दिनों अम्बाला में तरक्की पसंद तहरीक में ‘फिकोएहसास के शायर’ जनाब आबिद आलमी हमसे हमेशा के लिए बिछड़ गए। उनका मूल नाम रामनाथ चसवाल था, परन्तु शायरी की दुनिया में वे ‘आबिद आलमी’ के नाम से मशहूर हुए। उनका जन्म 4 जून 1933 को जिला रावलपिंडी की गूजनखान तहसील के गांव ददवाल में हुआ

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हिंदी साहित्य अध्ययन-अध्यापनः चुनौतियां और सरोकार

प्रोफेसर सुभाष चंद्र, हिंदी विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय,कुरुक्षेत्र  1922-25 के आस-पास बी.एच.यू. और इलाहाबाद में हिन्दी विभाग खुलने शुरू हुए थे। अभी  उच्च शिक्षा में एक विषय के तौर पर हिंदी साहित्य-अध्ययन के सौ साल भी नहीं हुए हैं, लेकिन हिंदी साहित्य के अध्ययन अध्यापन के भविष्य को लेकर चिंताएं प्रकट होने लगी हैं। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ,बाबू श्याम सुंदर दास

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भारत  विभाजन  के उत्तरदायी

असगर अली इंजीनियर – अनु. डा. सुभाष चंद्र  साम्प्रदायिक सवाल मुख्यत: सत्ता में हिस्सेदारी से जुड़ा था, चूंकि सत्ता में हिस्सेदारी के सवाल का आखिर तक कोई संतोषजनक हल नहीं निकला और अंतत: देश का विभाजन हो गया। यहां तक कि जिन्ना के चौदह सूत्री मांग पत्र, जो उन्होंने 1929 के प्रारंभ में ही (नेहरू रिपोर्ट विवाद के बाद) तैयार

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हरियाणा में मीडिया

डा. अशोक कुमार  हरियाणा बनने के बाद पिछले 50 वर्षों में हरियाणा में बड़े बदलाव हुए हैं। हरियाणा व इसके समाज को सशक्त बनाने में संचार माध्यमों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। देश के अन्य हिस्सों की तरह नई सूचना एवं संचार तकनीक के कारण मीडिया के उपभोग व उत्पादन दोनों स्तरों पर बड़ा परिवर्तन इस प्रदेश में भी

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