Tag: karamchand kesar

कर्मचंद केसर

लाग रही सै घणी मस्ताई माणस नैं – कर्मचंद केसर

विश्व पर्यावरण दिवस पर लिखी गई कर्मचंद केसर की कविता – लाग रही सै घणी मस्ताई माणस नै। … Continue readingलाग रही सै घणी मस्ताई माणस नैं – कर्मचंद केसर

कर्मचंद केसर

मनै तेरे बिन सरदा कोनी – कर्मचंद केसर

Post Views: 18 मनै ते॒रे बिन सरदा कोनी।तौं क्यां तै हां भरदा कोनी। मिटदी नहीं तरिस्णा बैरण,जद लग माणस मरदा कोनी। अपणे दुक्ख तै दुखी नहीं वो,औरां का सुख जरदा

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कर्मचंद केसर

क्यूं मेरा गुंट्ठा मांगै सै – कर्मचंद केसर

Post Views: 103 मैं सूं गरीब भील का बेटा, कर लिए कुछ ख्याल मेरा,क्यूं मेरा गुंट्ठा मांगै सै मनै, के करया नुकस्यान तेरा। धनुष विद्या की चाहना थी, मन मैं

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