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हिरोशिमा – अज्ञेय

Post Views: 45 एक दिन सहसासूरज निकलाअरे क्षितिज पर नहीं,नगर के चौक :धूप बरसी पर अन्तरिक्ष से नहीं,फटी मिट्टी से। छायाएं मानव-जन कीदिशाहीन सब ओर पड़ीं – वह सूरजनहीं उगा…