Tag Archives: हिंदी कहानी

सोनकेसी – पहाड़ी लोक-कथा

एक बार एक साहुकार था। उसके चार पुत्र थे ।चार में से बड़े तीन पुश्तैनी धन्धे के साथ अपना-अपना काम धन्धा  भी करते थे पर सबसे छोटा बेटा कोई काम-धाम नहीं करता था । उसकी इस आदत की वजह से साहुकार उससे नाराज रहने लगा । बोल-चाल भी बंद हो गई । बाकी के भाई भी उससे खिंचे-खिंचे से रहने

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तारा पांचाल – फूली

कहानी उचटी नींद के ऊल-जलूल सपने और उन सपनों के शुभ-अशुभ विचार। दुली के परिवार में कुछ दिनों से ऐसे ही सपने देखे जा रहे थे। कभी-कभी ये सपने लाल मिर्च की चटनी जैसे चरचरे होते। इस के विपरीत कभी-कभी काली लाल चाय से भी मीठे लगते। आखिरकार सभी सपने सामने बंधी फूली पर खत्म होते। फूली अगले महीने आसुज

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कुलबीर सिंह मलिक – कब्रिस्तान की बेरियां

कहानी मुल्क के बंटवारे के साथ हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच जो खून की होली खेली गई उसके कहर से उत्तर भारत का, विशेषत: पंजाब का, कोई गांव या शहर बच पाया था। बात आठवें दशक के उत्तरार्ध की है। पैंतीस-चालीस वर्ष की इमराना नाम की एक औरत अपने शौहर इस्माईल और बेटी राबिया के साथ हरियाणा के सोनीपत जिले

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दया धर्म का मूल है उर्फ कुत्ता कथा – हरभगवान चावला

कहानी (यह कहानी उन दयालु महानुभावों के श्री चरणों में समर्पित है जिनके लिए स्वार्थी इन्सान को छोड़कर सारे वफादार जीव दया और ममता के अधिकारी हैं।)                 यह उस समय की कथा है जब लाख या करोड़ का घोटाला, घोटाले का अपमान समझा जाता था, तब लाखों-करोड़ रुपयों के घोटालों का चलन था और इसे करोडों-करोड़ में बदलने के

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काकी – सियारामशरण गुप्त

बाल कहानी उस दिन शामू की नींद बड़े सवेरे खुल गई। उसने देखा कि घर में कोहराम मचा हुआ है। उसकी काकी जमीन पर सो रही है। उस पर कपड़ा ढंका हुआ था। घर के  सब लोग उसे घेरे हैं। सब बुरी तरह रो रहे हैं। काकी को ले जाते  समय शामू ने बड़ा उधम मचाया। वह काकी के ऊपर

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प्रेमचंद – ठाकुर का कुआँ  

कहानी जोखू ने लोटा मुँह से लगाया तो पानी में सख्त बदबू आयी । गंगी से बोला- यह कैसा पानी है ? मारे बास के पिया नहीं जाता । गला सूखा जा रहा है और तू सड़ा पानी पिलाये देती है ! गंगी प्रतिदिन शाम पानी भर लिया करती थी । कुआँ दूर था, बार-बार जाना मुश्किल था । कल

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