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हुण दस्स चौकीदारा! – हिमाचली लोक कथा

Post Views: 557 प्रस्तुती – दुर्गेश नंदन एक चोर था । छोटी-मोटी चोरियां करके अपना और अपने परिवार का पेट पाल रहा था पर गुज़ारा वामुश्किल होता । चोर ने…

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सोनकेसी – पहाड़ी लोक-कथा

Post Views: 731 एक बार एक साहुकार था। उसके चार पुत्र थे ।चार में से बड़े तीन पुश्तैनी धन्धे के साथ अपना-अपना काम धन्धा  भी करते थे पर सबसे छोटा…

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कहानियों के बीच बोलता : तारा पांचाल

Post Views: 336 डा. सुभाष चंद्र हरियाणा के छोटे से पिछड़े कस्बे नरवाना (बकौल तारा पांचाल नरवाना कंट्री)में जन्मे तारा पांचाल एक कहानीकार के तौर पर पूरे देश में प्रतिष्ठित…

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फूली – तारा पांचाल

Post Views: 740 उचटी नींद के ऊल-जलूल सपने और उन सपनों के शुभ-अशुभ विचार। दुली के परिवार में कुछ दिनों से ऐसे ही सपने देखे जा रहे थे। कभी-कभी ये…

कब्रिस्तान की बेरियां -कुलबीर सिंह मलिक

Post Views: 394 कहानी मुल्क के बंटवारे के साथ हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच जो खून की होली खेली गई उसके कहर से उत्तर भारत का, विशेषत: पंजाब का, कोई…

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काकी – सियारामशरण गुप्त

Post Views: 574 बाल कहानी उस दिन शामू की नींद बड़े सवेरे खुल गई। उसने देखा कि घर में कोहराम मचा हुआ है। उसकी काकी जमीन पर सो रही है।…