Tag Archives: हरियाणा सृजन उत्सव

हरियाणा सृजन उत्सव – सृजन के नए संकल्पों के साथ सम्पन्न

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्थित आर.के. सदन में देस हरियाणा द्वारा आयोजित किया जा रहा दो दिवसीय हरियाणा सृजन सृजन के नए संकल्पों के साथ सम्पन्न हो गया। अहा जिंदगी के पूर्व संपादक एवं संवाद प्रकाशन के निर्देशक आलोक श्रीवास्तव ने वर्तमान दौर की चुनौतियां और सृजन विषय पर समापन भाषण देते हुए कहा कि आज साहित्यकारों एवं कलाकारों के सामने अपने

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हरियाणा सृजन उत्सव का शुभारंभ धूमधाम से हुआ

देस हरियाणा द्वारा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आर.के. सदन में तीसरे हरियाणा सृजन उत्सव का शुभारंभ धूमधाम से हुआ। देस हरियाणा के संपादक एवं सृजन उत्सव के संयोजक डॉ सुभाश सैनी ने दो दिन चलने वाले उत्सव का परिचय रखते हुए देश भर के जाने-माने साहित्यकार अतिथियों और प्रदेश भर के सृजनकर्मियों का स्वागत किया। उद्घाटन सत्र में बनारस हिन्दू विश्विद्यालय

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हरियाणा सृजन उत्सव को लेकर रचनाकारों एवं कलाकारों में खासा उत्साह

कुरुक्षेत्र 7 फरवरी 2019 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आर के सदन में 9 व 10 फरवरी को हरियाणा सृजन उत्सव के आयोजन के संदर्भ में आज सेंट्रल कंटीन, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस अवसर पर जानकारी देते हुए देस हरियाणा के संपादक व हरियाणा सृजन उत्सव के संयोजक प्रोफेसर सुभाष सैनी ने विभिन्न समाचार–पत्रों के प्रतिनिधियों को

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हरियाणा सृजन उत्सव 2019, कार्यक्रम

तीसरे हरियाणा सृजन उत्सव  का आगाज हो चुका है। हर वर्ष यह कार्यक्रम फरवरी के महीने में कुरूक्षेत्र में आयोजित किया जाता है। यह एक साहित्यिक-सांस्कृतिक और समाजिक गतिविधियों का कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम का आयोजन देस हरियाणा पत्रिका  की तरफ से किया जाता है। सृजन उत्सव हरियाणा में होने वाला साहित्यिक महाकुम्भ माना जाता है। इसकी शुरूआत वर्ष 2016 में

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हुब्बे वतन

अल्ताफ़ हुसैन हाली पानीपती की पुण्य तिथि के अवसर पर। हाली का जन्म हुआ था सन् 1837 में और मृत्यु हुई 31 दिसंबर 1914 में। हाली की एक कविता है ‘हुब्बे वतन’ यानी देश-प्रेम।  हरियाणा सृजन उत्सव में जन नाट्य मंच कुरुक्षेत्र ने  25 फरवरी 2017 को इसके एक अंश को प्रस्तुत किया था।  अल्ताफ़ हुसैन हाली पानीपती   हुब्बे

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चुप की दाद

अल्ताफ़ हुसैन हाली पानीपती ऐ मांओं बहनों, बेटियों, दुनियां की ज़ीनत1 तुमसे है मुल्कों की बस्ती हो तुम्ही, क़ौमों की इज़्ज़त तुमसे है तुम घर की हो शहज़ादियाँ, शहरों की हो आबादियाँ ग़म गीं दिलों की शादियाँ, दुख-सुख में राहत तुम से है   हरियाणा सृजन उत्सव के दौरान 25 फरवरी 2017 की सांस्कृतिक संध्या में विनोद सहगल द्वारा गाई

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खबर मिली मुझे, सृजन उत्सव की

खबर मिली मुझे, और मैं उत्सव में चला आया।
सैनी जी ने कॉल कर, उत्सव से अवगत कराया।।
सृजन से कराया अवगत, मैंने राह मेवात से पकरी।
गुरु सिद्दीक मेव संग, जा पंहुचा धर्मनगरी।।

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