Tag: स्त्री विमर्श की कविताएँ

कविताएँ – जयपाल

Post Views: 40 जयपाल की कविता आडम्बर से कोसों दूर है। उनकी कविता में हाशिए पर धकेले गए लोग बराबर उपस्थित रहते हैं। स्त्री अस्मिता की ये कविताएँ महज सहानुभूति

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