Tag Archives: स्त्री विमर्श

बेटियों की निस्बत

अल्ताफ़ हुसैन हाली पानीपती   ज़ाहलियत के ज़माने में ये थी रस्मे अरब के किसी घर में अगर होती थी पैदा दुख़्तर1 संग दिल2 बाप उसे गोद से लेकर माँ की गाड़ देता था ज़मीं में कहीं जि़न्दा जाकर रस्म अब भी यही दुनिया में है जारी लेकिन जो के अन्धे हैं हिय्ये के नही कुछ उनको ख़बर लोग बेटी

Read more

दुपट्टा एक लड़की के गले का फंदा है

हरमन दिनेश जिस मुल्क में बेटियों की भ्रूण हत्या को रोकने के लिए बेटी बचाओ जैसा कैंपेन चलाना पड़े उस देस में बेटियाँ कितनी सशक्त होंगी यह सहज अनुमान लगाया जा सकता है, जिन बेटियों को कैंपेन चला कर, कानूनी धाराएं लगा कर बचाया गया है उनका भविष्य कहाँ तक सुरक्षित है और वे लड़कियाँ कितनी स्वतंत्र होंगी अपने फैसला

Read more