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स्वतन्त्रता संग्राम की लोक-चेतना – आचार्य राजेन्द्र रंजन चतुर्वेदी से सुरेन्द्रपाल सिंह की बातचीत।

Post Views: 84 आचार्य डॉ राजेन्द्र रंजन चतुर्वेदी जी पीएच.डी, डी.लिट. देशभर में लोकजीवन, लोकवार्ता और मिथकशास्त्र के गिने चुने विद्वानों में से एक हैं। उनका डॉक्टरेट ’मार्क्सवाद और रांगेय…

भारत माता -एक विमर्श – सुरेन्द्रपाल सिंह

Post Views: 53 ‘भारत माता की जय’ भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान सबसे अधिक लगाए जाने वाला नारा था। भारत माता का उल्लेख सबसे पहले किरणचन्द्र बंदोपाध्याय के नाटक में…

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हरियाणा में प्रजामण्डल आन्दोलन और तत्कालीन परिदृश्य – सुरेन्द्रपाल सिंह

प्रजामंडल आंदोलन के अग्रणी नेता चौ. निहाल सिंह तक्षक के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘चौ० निहाल सिंह तक्षक -विलीनीकरण अभियान के महानायक’ पुस्तक तत्कालीन सामाजिक-राजनैतिक हलचलों पर पर्याप्त प्रकाश डालती है।पुस्तक के संकलनकर्ता व लेखक डॉ. प्रकाशवीर विद्यालंकार हैं। हरियाणवी समाज की क्षेत्र विशेष गतिकी की बेहतर समझ और विमर्श के लिए यह पुस्तक महत्वपूर्ण है।

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वर्तमान किसान आंदोलन: एक नज़र- सुरेन्द्र पाल सिंह

हिंदू- मुस्लिम- सिक्ख ने अपनी अपनी नकारात्मक विरासतों को पीछे छोड़ते हुए सकारात्मक विरासत को आगे बढ़ाने का जिम्मा लिया है और यही है इस आंदोलन की रीढ़ की हड्डी। (लेख से )

गुगा पीर की छड़ी, नानी कूद के पड़ी – सोनिया सत्या नीता

Post Views: 706 भादव के शुरू होते ही डेरू बजने की परम्परा भी जीवंत होती है. गांव देहात मे भादव के आने पर डेरू वाले एकम से लेकर नवमी तक…

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पंचकूला से मेलबॉर्न – सुरेन्द्रपाल सिंह

Post Views: 402 थेम्स नदी में कितने ही समुद्री जहाज एक ही स्थान पर खड़े हैं और उनमें सज़ायाफ्ता कैदियों को रखा जाता है। स्थिति यहाँ तक पहुंच चुकी है…

पीर बुद्धू शाह – सुरेन्द्रपाल सिंह

पीर बुद्धू शाह अपने चार पुत्रों, दो भाइयों और 700 अनुयायियों के साथ सढोरा से चलकर गुरु गोबिन्द सिंह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़े। इस लड़ाई में गुरु की फौज को जीत तो हासिल हुई, लेकिन पीर बुद्धू शाह के दो पुत्र अशरफ शाह और मोहम्मद शाह व भाई भूरे शाह शहीद सहित 500 अनुयायी शहीद हुए।

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हरियाणा के पचास साल:भविष्य के सवाल

‘देस हरियाणा’ ने 18 नवम्बर 2016 को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र में ‘हरियाणा के पचास साल : भविष्य के सवाल’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया। प्रो. नीरा वर्मा, कृषि वैज्ञानिक प्रो. कुलदीप ढींढसा, डा. अशोक चौहान, श्री आर.आर. फुलिया, वी.एन.राय, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेन्द्रपाल सिंह, पत्रकार दीपकमल सहारन, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेन्द्रपाल सिंह ने परिचर्चा में भाग लिया। प्रो. टी.आर. कुंडू  ने  इसकी अध्यक्षता  की।

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स्वच्छ हवा और पानी एक बिजनेस बन गया है

Post Views: 165 गतिविधि ‘देस हरियाणा फिल्म सोसाइटी’ के माध्यम से हर महीने ही सामाजिक सरोकारों से जुड़ी फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा और उस पर गंभीर चर्चा होगी जिससे…