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सुरजीत सिरड़ी की तीन कविताएँ

सुरजीत सिरड़ी हरियाणा राज्य के सिरसा जिले में रहते हैं तथा पेशे से एक शिक्षक हैं। सुरजीत मूलतः पंजाबी भाषा के कवि हैं। इनकी कविताओं में इतिहास के साथ संवाद के समानांतर वर्तमान राजनैतिक चेतना भी नजर आती है जो पाठक को एक पल के लिए ठहरकर सोचने को विवश करती है।
एक साहित्यकार का दायित्व है कि वो अपने आस पास घट रही घटनाओं पर पैनी नजर रखे; इन कविताओं में गम्भीर किसान विमर्श नजर आता है. प्रस्तुत है किसानी चेतना से लबालब उनकी तीन कविताएं-

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सुरजीत सिरड़ी की तीन कविताएं

सुरजीत सिरड़ी हरियाणा राज्य के सिरसा जिले में रहते हैं तथा पेशे से एक शिक्षक हैं। सुरजीत मूलतः पंजाबी भाषा के कवि हैं। इनकी कविताओं में इतिहास के साथ संवाद के समानांतर वर्तमान राजनैतिक चेतना भी नजर आती है जो पाठक को एक पल के लिए ठहरकर सोचने को विवश करती है। प्रस्तुत है उनकी तीन कविताएं-