Tag: सामाजिक न्याय

कवि कृष्णचंद्र रोहणा की रचनाओं में सामाजिक न्याय एवं जाति विमर्श

महात्मा ज्योतिराव फूले ने स्वयं शिक्षा प्राप्त की एवं उस शिक्षा का प्रयोग समाज से जुल्म को समाप्त करने में किया| मानव से मानव द्वारा घृणा के वे घोर विरोधी थे| समाज में छुआछूत जैसे कलंक की समाप्ति के लिए महात्मा फूले ने सामाजिक आन्दोलन भी किये| फूले जी मानते थे कि सभी का हक़ बराबर है| कोई भी छोटा या बड़ा नहीं है| सभी को समान रूप से सम्मान मिलना चाहिए| (लेख से) … Continue readingकवि कृष्णचंद्र रोहणा की रचनाओं में सामाजिक न्याय एवं जाति विमर्श

बराबरी की मांग करता है रविदास का साहित्य – डॉ. सुभाष चन्द्र

Post Views: 360 गुरू रविदास की जयंती के अवसर पर देस हरियाणा पत्रिका और सत्यशोधक फाउंडेशन की ओर से सावित्रीबाई-जोतिबा फुले पुस्तकालय, सैनी समाज भवन, कुरूक्षेत्र में एक विचार गोष्ठी

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भारत की पहली शिक्षिका सावित्रीबाई फुले – सुभाष चंद्र

भारत की पहली शिक्षिका सावित्रीबाई फुले ने भारतीय समाज में मौजूद धर्मभेद, वर्णभेद, जातिभेद, लिंगभेद के खिलाफ कार्य किया। वे जैविक बुद्धिजीवी थी, जिन्होंने अपने अनुभवों से ही अपने जीवन-दर्शन का निर्माण किया। सावित्रीबाई फुले ने समाज में सत्य, न्याय, समानता, स्वतंत्रता और मानव भाईचारे की स्थापना के लिए अनेक क्रांतिकारी कदम उठाए। … Continue readingभारत की पहली शिक्षिका सावित्रीबाई फुले – सुभाष चंद्र

ठाकुर का कुआँ – ओम प्रकाश वाल्मीकि

Post Views: 474 चूल्हा मिट्टी कामिट्टी तलाब कीतालाब ठाकुर का। भूख रोटी कीरोटी बाजरे कीबाजरा खेत काखेत ठाकुर का। बैल ठाकुर काहल ठाकुर काहल की मूठ पर हथेली अपनीफसल ठाकुर

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वेटिंग फॉर वीजा – डॉ. भीम राव आंबेडकर

Post Views: 811 ‘वेटिंग फॉर वीजा ‘ डॉ. भीम राव आंबेडकर डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुस्तिका ‘वेटिंग फॉर वीजा’ संयुक्त राज्य अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल है।

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उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है

धर्म के क्षेत्र में भक्ति आत्मा की मुक्ति और मोक्ष का मार्ग हो सकता है , लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में भक्ति या नायक पूजा पतन और तानाशाही का मार्ग होता है।उत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है। हम उत्पीड़न की जब हम बात करते हैं तो हम घटनाओं की बातकरते है तो उसकी जड़की और विमर्श की बात नहीं करते। … Continue readingउत्पीड़न घटना नहीं, बल्कि एक विचारधारा है

अछूत समस्या – विद्रोही उर्फ भगत सिंह

Post Views: 1,139 अछूत समस्या – पीडीएफ डाउनलोड करें शहीद भगत सिंह ने जब यह लेख लिखा वह मात्र 16 वर्ष के किशोर थे। लेकिन इस लेख से हम अंदाजा

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वैचारिक एवं वैज्ञानिक संघर्ष के पुरोधा क्रांति पुरुष महामना रामस्वरूप वर्मा

Post Views: 447 एडवोकेट रवीन्द्र कुमार कटियार निष्कलंक, निष्पक्ष, स्वयं चेता मानवतावादी! लोभ नहीं धन, पद का चिंतक, त्यागी, समतावादी! जिसके तर्क अकाट्य विरोधी भी सुनते हों आतुर! किया असंभव

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मध्यवर्ग के आदर्शवादी तत्व और आरक्षण का सवाल -डा. ओमप्रकाश ग्रेवाल

Post Views: 373 पिछले साल मंडल आयोग की सिफारिशों के आधार पर सरकारी नौकरियों में से सत्ताईस प्रतिशत को सामाजिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित करने के राष्ट्रीय

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धर्मवीर सिंह – गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम नहीं आरक्षण

Post Views: 313 बीच बहस में डीएसपी ऑफिस से निकलते ही उस सिपाही के चेहरे पर गुस्से और हिकारत का भाव था। गेट पर खड़े उसके साथी संतरी ने पूछा

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