Tag: सामयिक

हाल फिलहाल पढ़ी गई पुस्तकों से गुजरते हुए- गौरव

Post Views: 78 सामान्य पाठक के तौर पर जब मुझे पुस्तकें पढ़ने का शौक हुआ तो मुझे अलग- अलग तरह की बैचेनी पैदा हुई जिन्होंने मेरे दिमाग में उथल- पुथल

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शिक्षा व्यवस्था की हकीकत को बपर्दा करती प्रोफ़ेसर की डायरी – रानी वत्स

Post Views: 47 डॉ. लक्ष्मण यादव द्वारा लिखित पुस्तक ‘ प्रोफेसर की डायरी’ शिक्षा व्यवस्था व एडहॉक की नौकरी की व्यवस्था को समझने में बहुत मदद करती है । यह

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हिमाचल में पहाड़ी भाषाओं के विकास की चुनौतियां – गगनदीप सिंह

Post Views: 75 लेखक और पत्रकार गगनदीप सिंह पिछले कई सालों से लगातार हिमाचल प्रदेश के इतिहास,पर्यावरण व विभिन्न सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर लिख रहे हैं। उन्होंने इन विषयों पर डाक्युमेंट्री

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हिमालय स्टेंड विद फार्मर – युथ फॉर हिमालय के प्रतिनिधिमंडल ने शंभु बार्डर पहुंच कर किया किसान आंदोलन 2.0 का समर्थन

Post Views: 27 चंडीगढ़ हिमालयी राज्यों के युवाओं के समुह युथ फॉर हिमालय के प्रतिनिधिमंडल ने शंभु बार्डर पर पहुंच कर किसान आंदोलन समर्थन किया और हिमालय स्टेंड विद फार्मर

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गाजा में अब शांति! भारत को मजबूत रुख अपनाना चाहिए – डॉ. अरुण मित्रा

Post Views: 12 25 फरवरी को वाशिंगटन डी.सी. में इजरायली दूतावास के बाहर अमेरिकी वायु सेना के एक सक्रिय-ड्यूटी सदस्य आरोन बुशनेल के आत्मदाह ने दुनिया भर में सदमे की

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संत रैदास को याद करते हुए – अरुण कैहरबा

Post Views: 47 उपजे एक बूंद तै का बामन का सूद। मूरख जन ना जानई सबमैं राम मौजूद।। रविदास जन्म के कारनै होत न कोऊ नीच। नर कूं नीच करि

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कानून की गैर कानूनियां – अपने ही किसानों पर ड्रोन से बंब बरसाती सरकार – अमनदीप सिंह

Post Views: 10 अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर युद्धों में मानव रहित विमान (UAV, unman aerial vehicle) का जमकर इस्तेमाल हो रहा है।  2021 में उस समय भारतीय सेना के अध्यक्ष रहे

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हिंदी कथा साहित्य के आईने में विकलांग विमर्श- डॉ. सुनील कुमार

Post Views: 251 साहित्य व समाजशास्स्त्री ,दलित और जनजाति विमर्श के बाद 21वीं सदी के प्रथम दशक की दस्तक के रूप में विकलांग विमर्श स्थापित हो रहा है । वैश्विक

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थर्ड जेंडर विमर्श : एक पड़ताल- डॉ. सुनील दत्त

वर्तमान दौर में दलित विमर्श, वृद्ध विमर्श, किसान विमर्श, स्त्री विमर्श, और थर्ड जेंडर विमर्श की खूब चर्चा रही है। प्रत्येक विमर्श मानव अधिकारों की मांग करता है और समाज से अपना मानव होने के हक की मांग करता है। इन्हीं विमर्शों में थर्ड जेंडर विमर्श भी मानव से मानव अधिकारों की मांग करता है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी इनकी मांगों को उचित मानते हुए थर्ड जेंडर की मान्यता दी है। थर्ड जेंडर ने सौंपे  गए दायित्वों को भी बखूबी से निभाया है। यह इस बात का प्रमाण है कि थर्ड जेंडर किसी भी दृष्टि से अन्य वर्ग से प्रतिभा में रत्ती भर भी कम नहीं है। शबनम मौसी, कमला जान, मधु किन्नर, लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, आशा देवी आदि थर्ड जेंडर इसके उदाहरण हैं। अब आवश्यकता है समाज के सकारात्मक दृष्टिकोण की जिससे थर्ड जेंडर को मानव जीवन के अधिकारों से वंचित होने से बचाया जा सके। प्रस्तुत है डॉ. सुनील दत्त का लेख- … Continue readingथर्ड जेंडर विमर्श : एक पड़ताल- डॉ. सुनील दत्त

प्रेमचंद ने पूछा था- “बिगाड़ के डर से क्या ईमान की बात न कहोगे ?”- डॉ. कृष्ण कुमार

डॉ. कृष्ण कुमार हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पलवल गाँव के राजकीय महाविद्यालय में हिंदी-अध्यापन में कर्यरत हैं। विशेष रूचि आलोचना में है। अपने इर्द गिर्द की साहित्यिक गतिविधियों में निरन्तर सक्रीय रहते हैं। … Continue readingप्रेमचंद ने पूछा था- “बिगाड़ के डर से क्या ईमान की बात न कहोगे ?”- डॉ. कृष्ण कुमार