Tag: संत कबीर

मैं कासी का जुलहा बूझहु मोर गिआना – डा.सेवा सिंह

Post Views: 675 आलेख ब्राह्मणवाद की विचारधारा ने श्रम-जन्य कर्मों का तिरस्कार करते हुए वर्णधर्मी व्यवस्था के अंतर्गत उत्पादनशील श्रेणियों का शोषण बनाए रखा है।  कबीर की वाणियों में इस

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देख कबिरा रोया…डा. सुभाष चंद्र

Post Views: 263 सुखिया सब संसार है, खावै और सोवैदुखिया दास कबीर है जागै और रोवै कबीर ने झूठ के घटाटोप को भेदकर सच्चाई को पा लिया था, इसलिए उनको

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