Tag: शहीद भगत सिंह

धर्म और हमारा स्वतन्त्रता संग्राम – भगतसिंह

Post Views: 106 अमृतसर में 11-12-13 अप्रैल को राजनीतिक कान्फ्रेंस हुई और साथ ही युवकों की भी कान्फ्रेंस हुई। दो-तीन सवालों पर इसमें बड़ा झगड़ा और बहस हुई। उनमें से

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मैं नास्तिक क्यों हूँ? – भगत सिंह

यह लेख भगत सिंह ने जेल में रहते हुए लिखा था और यह 27 सितम्बर 1931 को लाहौर के अखबार “ द पीपल “ में प्रकाशित हुआ । इस लेख में भगतसिंह ने ईश्वर कि उपस्थिति पर अनेक तर्कपूर्ण सवाल खड़े किये हैं और इस संसार के निर्माण , मनुष्य के जन्म , मनुष्य के मन में ईश्वर की कल्पना के साथ साथ संसार में मनुष्य की दीनता , उसके शोषण , दुनिया में व्याप्त अराजकता और और वर्गभेद की स्थितियों का भी विश्लेषण किया है । यह भगत सिंह के लेखन के सबसे चर्चित हिस्सों में रहा है।

स्वतन्त्रता सेनानी बाबा रणधीर सिंह 1930-31के बीच लाहौर के सेन्ट्रल जेल में कैद थे। वे एक धार्मिक व्यक्ति थे जिन्हें यह जान कर बहुत कष्ट हुआ कि भगतसिंह का ईश्वर पर विश्वास नहीं है। वे किसी तरह भगत सिंह की काल कोठरी में पहुँचने में सफल हुए और उन्हें ईश्वर के अस्तित्व पर यकीन दिलाने की कोशिश की। असफल होने पर बाबा ने नाराज होकर कहा, “प्रसिद्धि से तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है और तुम अहंकारी बन गए हो जो कि एक काले पर्दे के तरह तुम्हारे और ईश्वर के बीच खड़ी है। इस टिप्पणी के जवाब में ही भगतसिंह ने यह लेख लिखा। … Continue readingमैं नास्तिक क्यों हूँ? – भगत सिंह

विद्यार्थियों के नाम पत्र – भगतसिंह व बटुकेश्वर दत्त

भगत सिंह और बुटकेश्वर दत्त की ओर से जेल से भेजा गया यह पत्र 19 अक्तूबर, 1929 को पंजाब छात्र संघ, लाहौर के दूसरे अधिवेशन में पढ़कर सुनाया गया था। अधिवेशन के सभापित थे सुभाषचंद्र बोस।- सं. … Continue readingविद्यार्थियों के नाम पत्र – भगतसिंह व बटुकेश्वर दत्त

विद्यार्थी और राजनीति – भगत सिंह

Post Views: 81 इस बात का बड़ा भारी शोर सुना जा रहा है कि पढ़ने वाले नौजवान(विद्यार्थी) राजनीतिक या पोलिटिकल कामों में हिस्सा न लें। पंजाब सरकार की राय बिल्कुल

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भगत सिंह का पत्र सुखदेव के नाम

जब असेंबली में बम फेंकने की योजना बन रही थी तो भगत सिंह को दल की जरूरत बताकर साथियों ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौपने से इंकार कर दिया। भगत सिंह के अंतरंग मित्र सुखदेव ने उन्हें ताना मारा कि तुम मरने से डरते हो। इस आरोप से भगत सिंह का हृदय रो उठा और उन्होंने दोबारा दल की मीटिंग बुलाई और असेंबली में बम फेंकने का जिम्मा जोर देकर अपने नाम करवाया। आठ अप्रैल, 1929 को असेंबली में बम फेंकने से पहले सम्भवतः 5 अप्रैल को दिल्ली के सीताराम बाजार के घर में उन्होंने सुखदेव को यह पत्र लिखा था जिसे शिव वर्मा ने उन तक पहुँचाया। यह 13 अप्रैल को सुखदेव के गिरफ़्तारी के वक्त उनके पास से बरामद किया गया और लाहौर षड्यंत्र केस में सबूत के तौर पर पेश किया गया। … Continue readingभगत सिंह का पत्र सुखदेव के नाम

साम्प्रदायिक दंगे और उनका इलाज – भगत सिंह

साम्प्रदायिकता की समस्या के हल के लिए क्रान्तिकारी धारा ने अपने विचार प्रस्तुत किये। प्रस्तुत लेख जून, 1928 के ‘किरती’ में छपा। यह लेख इस समस्या पर शहीद भगतसिंह और उनके साथियों के विचारों का सार है। … Continue readingसाम्प्रदायिक दंगे और उनका इलाज – भगत सिंह

त्रिमूर्ति राह दिखाएगी- सुभाष गाताड़े

‘गांधी, अंबेडकर और भगत सिंह के चिंतन की सांझी जमीन’ विषय पर डॉ. भीम राव आंबेडकर के विचारों के विशेष संदर्भ में विचार रखने के लिए प्रसिद्ध दलित चिंतक सुभाष गाताड़े जी को आमंत्रित किया गया था। किन्हीं कारणों से वे सृजन उत्सव में नहीं पहुंच पाए। उन्होंने लिखित संदेश भेजा था जिसे देस हरियाणा के संपादक डॉ. सुभाष चन्द्र ने प्रस्तुत किया। उनका यह संदेश यहां दिया जा रहा है।- सं. … Continue readingत्रिमूर्ति राह दिखाएगी- सुभाष गाताड़े

समाजवाद की स्थापना चाहते थे शहीद भगत सिंह

Post Views: 318 राजविन्द्र सिंह चन्दी  आल इंडिया लार्यर्स यूनियन जिला कांऊसिल कुरुक्षेत्र ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह जयंती के उपलक्ष्य में 27 सितम्बर 2018 को बार रूम जिला न्यायालय कुरुक्षेत्र

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