Tag: विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’

  जातीय आधार पर आरक्षण आंदोलन का दर्द –खोया हुआ विश्वास

Post Views: 283 विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’ वरिष्ठ साहित्यकार आनंद प्रकाश ‘आर्टिस्ट’ ने ‘खोया हुआ विश्वास’ उपन्यास में जातीय आधार पर आरक्षण आंदोलन को वर्ण्य-विषय बनाकर वर्तमान ज्वलंत समस्या को अपने

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सामण की रूत -विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’

Post Views: 113 हरियाणवी कविता मींह बरसै सामण की रूत मै गात हंगाई कर रह्या री। कद आवैगा भरतार बता दे दिल कोनी डाटे डट रह्या री। महीने भर का

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जुल्मी होया जेठ- विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’

Post Views: 662 जुल्मी  होया  जेठ,  तपै  सै  धरती  सारी ताती  लू  के  महां,  जलै  से काया म्हारी। सूख गे गाम के जोहड़, ना आवै नहरां म्हैं पाणी बिजली भी

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बखत पुराणा – विनोद वर्मा दुर्गेश

दस-दस कोस सफर काटते
मोटर ठेल्या का टोटा था।
रेहङू पै खेता म्है जाणा,
राबड़ी का ठंडा कलेवा था। … Continue readingबखत पुराणा – विनोद वर्मा दुर्गेश