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निंदा-रस – हरिशंकर परसाई

Post Views: 16 निंदा कुछ लोगों की पूंजी होती है। बड़ा लंबा-चौड़ा व्यापार फैलाते हैं वे इस पूंजी से। कई लोगों की ‘रिस्पेक्टेबिलिटी’ (प्रतिष्ठा) ही दूसरों की कलंक-कथाओं के पारायण…

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राजस्थानी कविताएं – रामस्वरूप किसान

Post Views: 1,095 राजस्थानी कविताएं – रामस्वरूप किसान ‘हिवड़ै उपजी पीड़ सुप्रसिद्ध राजस्थानी लोक कवि रामस्वरूप किसान जी ने ये कविताएं देस हरियाणा द्वारा आयोजित तीसरे हरियाणा सृजन उत्सव में…

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ऐ हिंद पाक के लोगों – अमृतलाल मदान

Post Views: 208 अमृतलाल मदान (पिछले पचासों सालों से साहित्य सृजन में सक्रिय वरिष्ठ साहित्यकार अमृतलाल मदान हरियाणा के कैथल शहर के निवासी हैं। नाटक, कविता, उपन्यास, यात्रा आदि लगभग…