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वक्र-चक्र – सुरेश बरनवाल

Post Views: 151 कविता बहुत जरूरी है देश के लिए प्रजातन्त्र प्रजातन्त्र के लिए वोट वोट के लिए गरीब गरीब के लिए झूठे वादे झूठे वादों के लिए नेता नेता

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