Tag: रोहतक

मलबे के नीचे दबा विकारग्रस्त समाज – अरुण कैहरबा

Post Views: 101 प्रख्यात सर्जन, प्रोफेसर, सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक डॉ. रणबीर सिंह दहिया का उपन्यास मलबे के नीचे हरियाणा की सामाजिक व्यवस्था की सर्जरी करने का सफल प्रयास है।

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हरियाणा का इतिहास-ब्रिटिश शासन की स्थापना -बुद्ध प्रकाश

Post Views: 360 30 दिसम्बर, 1803 को दौलत राव सिन्धिया ने सिरजी अंजनगांव की सन्धि द्वारा हरियाणा  प्रदेश ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी को सौंप दिया। प्रशासन के लिए रेजिडेंट नियुक्त

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वो रात को लाहौर चले गए – नरेश कुमार

Post Views: 407 भरतो इस साल चौरासी पार कर जाएगी। 15 वर्ष की उम्र में शादी हो गई थी। साढ़े  सोलह की उम्र में पहली बेटी को जन्म दिया। अपने

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नूरू की थाली – रामकिशन राठी 

Post Views: 299 घोड़े दौड़ रहे थे…क्यड़पड़-क्यड़पड़, नगाड़े बज रहे थे…पडग़ड़ाम…पडग़ड़ाम-पडग़ड़ाम… लड़ाई के मैदान के नजारे को बयान करते हुए वह मुंह से ऐसी आवाजें निकालता था जो हूबहू घोड़े

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ऐसे अपनी दुआ क़ुबूल हुई-बलबीर सिंह राठी

Post Views: 230  ग़ज़ल ऐसे अपनी दुआ क़ुबूल हुई,राह तक मिल सकी न मंजि़ल की,कारवाँ से बिछडऩे वालों को,उन की मंजि़ल कभी नहीं मिलती।खो गई नफ़रतों के सहरा1 में,प्यार की

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ये अलग बात बच गई कश्ती -बलबीर सिंह राठी

Post Views: 248  ग़ज़ल ये अलग बात बच गई कश्ती,वरना साजि़श भंवर ने ख़ूब रची। कह गई कुछ वो बोलती आँखें,चौंक उट्ठी किसी की ख़ामोशी। हम तो लड़ते रहे दरिन्दों

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पहले कोई ज़ुबाँ तलाश करूँ – बलबीर सिंह राठी

Post Views: 192  ग़ज़ल पहले कोई ज़ुबाँ तलाश करूँ,फिर नई शोखियाँ1 तलाश करूँ।अपने ख्वाबों की वुसअतों2 के लिए,मैं नये आसमां तलाश करूँ।मंजि़लों की तलाश में निकलूँ,मुस्तकिल3 इम्तिहाँ तलाश करूँ।मेरी आवारगी

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कौन बस्ती में मोजिज़ा गर है -बलबीर सिंह राठी

Post Views: 150  ग़ज़ल कौन बस्ती में मोजिज़ा गर है, हौंसला किस में मुझ से बढ़ कर है। चैन    से   बैठने   नहीं   देता, मुझ में बिफरा हुआ समन्दर है।

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कौन कहता है कि तुझको हर खुशी मिल जाएगी- बलबीर सिंह राठी

Post Views: 197  ग़ज़ल कौन कहता है कि तुझको हर खुशी मिल जाएगी, हां मगर इस राह में मंजि़ल नई मिल जाएगी। अपनी राहों में अंधेरा तो यक़ीनन है मगर,

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