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हरियाणा का इतिहास-ब्रिटिश शासन की स्थापना -बुद्ध प्रकाश

Post Views: 87 30 दिसम्बर, 1803 को दौलत राव सिन्धिया ने सिरजी अंजनगांव की सन्धि द्वारा हरियाणा  प्रदेश ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी को सौंप दिया। प्रशासन के लिए रेजिडेंट नियुक्त…

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वो रात को लाहौर चले गए – नरेश कुमार

Post Views: 91 भरतो इस साल चौरासी पार कर जाएगी। 15 वर्ष की उम्र में शादी हो गई थी। साढ़े  सोलह की उम्र में पहली बेटी को जन्म दिया। अपने…

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नूरू की थाली – रामकिशन राठी 

Post Views: 79 घोड़े दौड़ रहे थे…क्यड़पड़-क्यड़पड़, नगाड़े बज रहे थे…पडग़ड़ाम…पडग़ड़ाम-पडग़ड़ाम… लड़ाई के मैदान के नजारे को बयान करते हुए वह मुंह से ऐसी आवाजें निकालता था जो हूबहू घोड़े…

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ऐसे अपनी दुआ क़ुबूल हुई-बलबीर सिंह राठी

Post Views: 42  ग़ज़ल ऐसे अपनी दुआ क़ुबूल हुई, राह तक मिल सकी न मंजि़ल की, कारवाँ से बिछडऩे वालों को, उन की मंजि़ल कभी नहीं मिलती। खो गई नफ़रतों…

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ये अलग बात बच गई कश्ती -बलबीर सिंह राठी

Post Views: 46  ग़ज़ल   ये अलग बात बच गई कश्ती, वरना साजि़श भंवर ने ख़ूब रची। कह गई कुछ वो बोलती आँखें, चौंक उट्ठी किसी की ख़ामोशी। हम तो…

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पहले कोई ज़ुबाँ तलाश करूँ – बलबीर सिंह राठी

Post Views: 40  ग़ज़ल पहले कोई ज़ुबाँ तलाश करूँ, फिर नई शोखियाँ1 तलाश करूँ। अपने ख्वाबों की वुसअतों2 के लिए, मैं नये आसमां तलाश करूँ। मंजि़लों की तलाश में निकलूँ,…

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कौन बस्ती में मोजिज़ा गर है -बलबीर सिंह राठी

Post Views: 32  ग़ज़ल कौन बस्ती में मोजिज़ा गर है, हौंसला किस में मुझ से बढ़ कर है। चैन    से   बैठने   नहीं   देता, मुझ में बिफरा हुआ समन्दर है।…

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कौन कहता है कि तुझको हर खुशी मिल जाएगी- बलबीर सिंह राठी

Post Views: 25  ग़ज़ल कौन कहता है कि तुझको हर खुशी मिल जाएगी, हां मगर इस राह में मंजि़ल नई मिल जाएगी। अपनी राहों में अंधेरा तो यक़ीनन है मगर,…

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जिनकी नज़रों में थे रास्ते और भी- बलबीर सिंह राठी

Post Views: 28  ग़ज़ल जिनकी नज़रों में थे रास्ते और भी, जाने क्यों वो भटकते गये और भी। मैं ही वाक़िफ़ था राहों के हर मोड़ से, मैं जिधर भी…