Tag: रुक्खाँ जिसा सुभा बणा ले

रुक्खाँ जिसा सुभा बणा ले – कर्मचंद केसर

Post Views: 152 हरियाणवी ग़ज़ल रुक्खाँ जिसा सुभा बणा ले। सबनै हँंसकै गले लगा ले। जीणा भी तो एक कला सै, सोच-समझ कै टेम बित्या ले। राजा दुखिया रंक सुखी

Continue readingरुक्खाँ जिसा सुभा बणा ले – कर्मचंद केसर