Tag: रिसाल जांगड़ा

गहराई तक जावण म्हं बखत तो लागै सै -रिसाल जांगड़ा

Post Views: 143 हरियाणवी ग़ज़ल रिसाल जांगड़ा   गहराई तक जावण म्हं बखत तो लागै सै। सच्चाई उप्पर ल्यावण म्हं बखत तो लागै से।   करैग जादां तावल जे उलझ

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हरियाणा सृजन उत्सव 2019, कार्यक्रम

Post Views: 750 तीसरे हरियाणा सृजन उत्सव  का आगाज हो चुका है। हर वर्ष यह कार्यक्रम फरवरी के महीने में कुरूक्षेत्र में आयोजित किया जाता है। यह एक साहित्यिक-सांस्कृतिक और समाजिक

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बखत पड़े पै रोवै कौण -रिसाल जांगड़ा

Post Views: 190 हरियाणवी ग़ज़ल बखत पड़े पै रोवै कौण। करी कराई खोवै कौण। मशीन करैं सैं काम फटापट, डळे रात दिन ढोवै कौण। दुनिया हो रह्यी भागम भाग, नींद

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जिनके दिल मैं भरग्ये खटके-रिसाल जांगड़ा

Post Views: 217 हरियाणवी ग़ज़ल जिनके दिल मैं भरग्ये खटके, अपणी मंजिल तै वैं भटके। देख बुढापा रोण पड़ग्या, याद आवैं जोबन के लटके। जिनके ऊंचे कर्म नहीं थे, वैं

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जिम्मेदारी दुखी करै सै-रिसाल जांगड़ा

Post Views: 193 हरियाणवी ग़ज़ल जिम्मेदारी दुखी करै सै। दुनियादारी दुखी करै सै। कारीगर नै ऐन बखत पै, खुंडी आरी दुखी करै सै। पीछा चाहूं सूं छुटवाणा, मन अहंकारी दुखी

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