Tag Archives: रामेश्वर दास ‘गुप्त’

अंधविश्वास नाश की राही

रामेश्वर दास ‘गुप्त’ रागनी तर्क करूं अर सच जाणूं, ये रहणी चाहिए ख्यास मनै अंधविश्वास सै नाश की राही, बात बताणी खास मनै। भगत और भगवान बीच म्हं, दलाल बैठगे आ कै, कई भेडिये पहन भेड़ की, खाल बैठगे आ कै, भगवान बहाने कई ऊत चाटणे, माल बैठगे आ कै, क्यूं होरी सै खूण्डी लूटयें, सवाल बैठगे आ कै, करणी

Advertisements
Read more