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आओ नया समाज बनाएं – राजेंद्र चौधरी

बुनियादी एवं व्यापक बदलाव के लिए अंतत आम जन का, सत्ता से वंचित तबकों का संगठित होना ज़रूरी है. केवल एक पार्टी या नेता के पक्ष में वोट डालने के लिए नहीं अपितु बहुसंख्यक आबादी के हक़ में देश को चलाने के लिए. ज़रूरत इस बात कि है कि पूरा समय शासन व्यवस्था की नकेल प्रभावी रूप से जनता के हाथ में रहे. पॉँच साल में एक बार नहीं अपितु पूरे पॉँच साल लगातार शासन करने वालों में जनता के प्रति जवाबदेही का भाव रहे और जनता की सत्ता में बैठे लोगों पर कड़ी निगाह रहे.

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जैविक खेती को ‘हरित क्रांति’ के केंद्र हरियाणा में मिली बड़ी सफलता – राजेंद्र चौधरी

12 सितम्बर 2021 को रोहतक (हरियाणा) में आयोजित ‘जैविक खेती जन संवाद’ में लगभग 300 लोगों ने भाग लिया. पहली बार कुदरती खेती अभियान, जो एक अपंजीकृत एवं अवित्पोषित स्वयंसेवी प्रयास है, द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कृषि से जुड़ी सरकारी संस्थाओं जैसे हिसार कृषि विश्वविद्यालय, हरियाणा बागवानी विभाग इत्यादि के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया. 

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कोरोना के समय में ऑनलाइन स्कूली शिक्षा – राजेंद्र चौधरी

कोरोना महामारी ने जीवन के ऑनलाइन पक्ष को बढ़ावा दिया है और ऑनलाइन शिक्षा इसका एक प्रमुख घटक है। स्कूल और कॉलेज सबसे पहले बंद हुए थे और शायद सब से अंत में ही खुलें। इस लिए ऑनलाइन की समीक्षा ज़रूरी है।

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बेहतर समाज: अब नहीं तो कब? – राजेंद्र चौधरी

इस अवसर पर परिवर्तन के प्रति आशावान होने के कुछ विशेष कारण भी हैं. वर्तमान व्यवस्था कि कई कमज़ोरियाँ जो दबी ढकी थी, वो उघड कर सामने आ गई हैं, सब से बड़ी बात तो यह है कि बहुत बड़े पैमाने पर देश की जनता के पास कोई आर्थिक सुरक्षा और बचत नहीं है, उन की कमाई बमुश्किल इतनी है कि रोज़ कमाते हैं और खाते हैं. और जिन के पास चंद दिनों की तालाबंदी सहन करने की ताकत नहीं है, बुढ़ापा और बीमारी तो उन को भी आती होगी, तब क्या होता होगा इनका, यह सोच कर भी डर लगता है.

मैं हिन्दू, मेरा देश हिंदुस्तान पर यह हिन्दू राष्ट्र न बने – राजेंद्र चौधरी

असली लड़ाई सब के लिए शांति, सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और न्याय की है. रोज़गार की है, सरकारी नौकरी की नहीं अपितु गरिमामय एवं सुरक्षित रोज़गार एवं व्यवसाय की है. और शायद अब तो सब से बड़ी लड़ाई साफ़ हवा और पानी की है. पर हिन्दू राष्ट्र जैसे मुद्दे हमें इन मुद्दों पर ध्यान केन्द्रित ही नहीं करने देते. कभी मंदिर, कभी घरवापसी, कभी लव ज़िहाद इत्यादि मुद्दों पर ही हमारा ध्यान लगा रहता है.

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रसायनमुक्त वैकल्पिक कृषि क्रांतिकारी कृषि – राजेन्द्र चौधरी

Post Views: 873 खेती-बाड़ी वर्तमान में प्रचलित रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशक आधारित खेती संकट में है इसके बारे में शायद ही कोई मतभेद है। सरकारी और कृषि संस्थानों के दस्तावेज…