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मेरे राम का मुकुट भीग रहा है- विद्यानिवास मिश्र

‘मेरे राम का मुकुट भीग रहा है’ नामक निबन्ध में विद्यानिवास मिश्र ने वर्तमान समय तथा भारतीय लोक संकृति को सन्दर्भ में रखते हुए आधुनिक चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है. इस निबन्ध में मुख्यतः मध्यवर्गीय पीढ़ियों में वैचारिक अंतर, मनुष्य जीवन की सार्थकता तथा स्त्री की दोहरी समस्याओं को विचार का विषय बनाया गया है. … Continue readingमेरे राम का मुकुट भीग रहा है- विद्यानिवास मिश्र