मुक्तिबोध के जन्म शताब्दी अवसर पर एक काव्य-गोष्ठी

Post Views: 271                 22 अगस्त को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की आर्टस फैक्लटी में टीम देस हरियाणा ने गजानन माधव मुक्तिबोध के जन्म शताब्दी अवसर पर एक काव्य-गोष्ठी का आयोजन किया…

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जनवादी कविता की विरासत-डा. ओमप्रकाश ग्रेवाल

Post Views: 1,427 आलेख हिन्दी में आठवें दशक के दौरान जनवादी कविता का स्वर ही प्रमुख रहा है, कई नए हस्ताक्षर इधर जनवादी कविता के क्षेत्र में उभर कर आए…

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मुक्तिबोध के सौ साल -गोपाल प्रधान

Post Views: 547  मुक्तिबोध उन विद्रोही साहित्यकारों की महान परम्परा में आते हैं जिन्हें जीवन में सम्मान नहीं मिलता लेकिन देहान्त के बाद क्रमश: महत्वपूर्ण होते जाते हैं । संस्कृत…

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मैं उनका ही होता -मुक्तिबोध

Post Views: 219 कविता मैं उनका ही होता मैं उनका ही होता, जिनमें मैंने रूप-भाव पाये हैं। वे मेरे ही हिये  बंधे हैं जो मर्यादाएं लाये हैं। मेरे शब्द, भाव…

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विचार आते हैं -मुक्तिबोध

Post Views: 282 कविता विचार आते हैं विचार आते हैं- लिखते समय नहीं, बोझ ढोते वक्त पीठ पर सिर पर उठाते समय भार परिश्रम करते समय चांद उगता है व…