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ज़माने में नया बदलाव लाने की ज़रूरत है -महावीर ‘दुखी’

Post Views: 589 ज़माने में नया बदलाव लाने की ज़रूरत है, अकीदों का सड़ा मलबा उठाने की ज़रूरत है। उजालों के तहफ्फुज में कभी कोई न रह जाए, अंधेरों को…

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जहां में खौफ़ का व्यापार क्यूं है सोचना होगा – महावीर ‘दुखी’

Post Views: 158 महावीर ‘दुखी’  जहां में खौफ़ का व्यापार क्यूं है सोचना होगा, तशद्दुद की यहां भरमार क्यूं है सोचना होगा। सुना था आदमी ने बेबसी पर पा लिया…

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न दीवानों से वाबस्ता, न फरज़ानों से वाबस्ता -महावीर ‘दुखी’

Post Views: 150 महावीर ‘दुखी’  न दीवानों से वाबस्ता, न फरज़ानों से वाबस्ता, रहा हूं मैं हमेशा आम इन्सानों से वाबस्ता। सुना है देवाओं का कभी था बास धरती पर,…