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भूल-गलती – गजानन माधव मुक्तिबोध

Post Views: 133 भूल-गलतीआज बैठी है जिरहबख्तर पहनकरतख्त पर दिल के;चमकते हैं खड़े हथियार उसके दूर तक,आँखें चिलकती हैं नुकीले तेज पत्थर सी,खड़ी हैं सिर झुकाए         …